सोमवार को तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में वीडी सतीशन ने केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनके साथ नई मंत्रिपरिषद ने भी शपथ ग्रहण की। कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 2026 विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत दर्ज कर राज्य में सरकार बनाई। इस जीत के साथ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) का 10 साल पुराना शासन समाप्त हो गया। समारोह में कई वरिष्ठ नेता और समर्थक मौजूद रहे।

वीडी सतीशन को UDF विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। शपथ ग्रहण समारोह पूरी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत आयोजित किया गया, जहां राज्यपाल ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। नई सरकार में अनुभवी नेताओं के साथ-साथ कई युवा चेहरों को भी मौका दिया गया है, जिससे पार्टी ने अनुभव और नई सोच के संतुलन का संदेश देने की कोशिश की है।
चुनाव परिणाम आने के बाद से ही राज्य में नई सरकार को लेकर चर्चाएं तेज थीं। जनता ने इस बार बदलाव के पक्ष में मतदान किया और UDF को स्पष्ट जनादेश दिया। बेरोजगारी, विकास कार्यों की धीमी रफ्तार, महंगाई और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर जनता में नाराजगी देखी गई थी, जिसका असर चुनाव परिणामों में साफ नजर आया। UDF ने चुनाव प्रचार के दौरान रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने का वादा किया था।
शपथ ग्रहण समारोह में कई राज्यों के वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी विशेष रूप से कार्यक्रम में पहुंचे। उन्होंने वीडी सतीशन को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी और नई सरकार के सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। दोनों नेताओं के बीच राज्य के विकास, सहयोग और जनहित से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा भी हुई। समारोह में उनकी मौजूदगी ने कार्यक्रम को और खास बना दिया।
नई मंत्रिपरिषद में क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन का भी ध्यान रखा गया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार पारदर्शिता, विकास और जनकल्याण को प्राथमिकता देगी। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में निवेश बढ़ाने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रशासन और नई योजनाओं से काफी उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और उनकी टीम के सामने राज्य की आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों से निपटने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकार अपने चुनावी वादों को कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से पूरा करती है।


