
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपना हमला और तेज़ कर दिया है। उन्होंने BJP के “झालमुड़ी” वाले प्रचार को एक दिखावटी राजनीतिक स्टंट बताकर खारिज कर दिया और इस मौके का इस्तेमाल अपनी राष्ट्रीय राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं का संकेत देने के लिए किया।
कोलकाता में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का यह मेल-जोल बहुत सोच-समझकर रचा गया था, जिसमें पहले से ही कैमरे और सुरक्षा के इंतज़ाम किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि यह नाश्ता पहले से ही तैयार करके रखा गया था और सिर्फ़ दिखावे के लिए पेश किया गया। उन्होंने इस प्रचार की असलियत पर सवाल उठाते हुए इसे चुनाव के इस अहम दौर में मतदाताओं को प्रभावित करने की एक कोशिश बताया।
सीधा निशाना साधते हुए बनर्जी ने कहा, “वे कहते हैं कि अगर वे जीतेंगे तो झालमुड़ी खाएंगे, लेकिन मैं आपको दिल्ली से भेलपूरी खिलाऊंगी।” इस टिप्पणी को व्यापक रूप से पश्चिम बंगाल से बाहर अपनी राजनीतिक पैठ बढ़ाने की उनकी कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। उन्होंने BJP के चुनाव प्रचार के तरीके का भी मज़ाक उड़ाया और इसकी तुलना पिछले चुनावों में इस्तेमाल की गई “चायवाला” जैसी पुरानी कहानियों से की।
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने BJP पर पहचान की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वह भारत की विविधता की पक्षधर हैं और उन्हें “धर्म सिखाने” की किसी भी कोशिश को वह पूरी तरह से खारिज करती हैं। उनकी ये टिप्पणियां अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच चल रही एक बेहद तीखी और अहम राजनीतिक लड़ाई के बीच आई हैं।
जैसे-जैसे चुनाव का माहौल गरमा रहा है, बनर्जी की ये टिप्पणियां उनकी बढ़ती हुई आक्रामक चुनाव प्रचार रणनीति को दर्शाती हैं। इस रणनीति में स्थानीय प्रतीकों को एक व्यापक राष्ट्रीय संदेश के साथ जोड़ा गया है, जिसके ज़रिए वह खुद को BJP के एक प्रमुख चुनौती के तौर पर पेश कर रही हैं।


