अहमदाबाद में हुई AI171 विमान दुर्घटना, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी, को एक वर्ष पूरा हो गया है। इस भीषण त्रासदी की पहली बरसी पर अधिकारियों ने उस समय किए गए अभूतपूर्व आपातकालीन राहत और बचाव अभियान को याद किया। हाल के वर्षों की सबसे गंभीर विमान दुर्घटनाओं में से एक मानी जाने वाली इस घटना के दौरान प्रशासन ने तेजी से बचाव कार्य, चिकित्सा सहायता और संकट प्रबंधन की व्यवस्था की थी। अस्पतालों, आपातकालीन सेवाओं और सरकारी एजेंसियों ने मिलकर पीड़ितों और उनके परिवारों को तत्काल सहायता प्रदान की।

इस हादसे का सबसे बड़ा चुनौतीपूर्ण पहलू मृतकों की पहचान करना था। कई शव बुरी तरह झुलस चुके थे, जिससे पारंपरिक तरीकों से पहचान संभव नहीं थी। ऐसे में फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने बड़े पैमाने पर डीएनए मिलान प्रक्रिया शुरू की, जो पहचान सुनिश्चित करने का सबसे विश्वसनीय माध्यम साबित हुई। फॉरेंसिक विशेषज्ञों, चिकित्सा कर्मियों और जांच अधिकारियों की टीमों ने दिन-रात काम कर यह सुनिश्चित किया कि प्रत्येक पीड़ित की पहचान सटीक और सम्मानजनक तरीके से की जाए।
अधिकारियों के अनुसार, इस आपदा ने शहर की आपातकालीन तैयारियों की सबसे कठिन परीक्षा ली। विभिन्न अस्पतालों में ट्रॉमा केयर टीमों को तुरंत सक्रिय किया गया, जबकि शोक संतप्त परिवारों की सहायता के लिए विशेष सहायता केंद्र स्थापित किए गए। अधिकारियों ने कहा कि इस समन्वित प्रयास ने आपातकालीन सेवाओं से जुड़े कर्मियों की प्रतिबद्धता, साहस और क्षमता को साबित किया। उनके प्रयासों ने अभूतपूर्व संकट की स्थिति को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और यह सुनिश्चित किया कि जान गंवाने वालों के साथ पूरी गरिमा और सम्मान का व्यवहार किया जाए।


