तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता जहांगीर खान को सोमवार को भारत-नेपाल सीमा के पास गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी एक कथित जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) मामले में की गई है। बताया जा रहा है कि जहांगीर खान पिछले कई दिनों से पुलिस की गिरफ्त से बचने की कोशिश कर रहे थे, जबकि उनके खिलाफ कई आपराधिक मामलों की जांच चल रही थी। उनकी गिरफ्तारी को जांच एजेंसियों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाकर जहांगीर खान की गतिविधियों पर नजर रखी और उनकी लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद भारत-नेपाल सीमा के निकट उन्हें हिरासत में ले लिया गया। दक्षिण 24 परगना जिले के प्रभावशाली राजनीतिक नेताओं में गिने जाने वाले जहांगीर खान को अब आगे की पूछताछ के लिए अदालत में पेश किया जाएगा। जांच एजेंसियां उनसे जुड़े अन्य मामलों और संभावित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही हैं।
जहांगीर खान पर जबरन वसूली, धमकी देने, मारपीट और चुनावी हिंसा से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय निवासियों और राजनीतिक विरोधियों द्वारा दर्ज कराई गई कई शिकायतों के आधार पर पुलिस जांच कर रही थी। अधिकारियों का कहना है कि मामले में अभी और भी कई पहलुओं की जांच की जा रही है तथा गिरफ्तारी के बाद महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की उम्मीद है। इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में भी हलचल पैदा कर दी है और मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


