पंजाब के बहुचर्चित 2015 बेहबल कलां पुलिस फायरिंग मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय सांपला को पूछताछ के लिए तलब किया है। SIT ने उन्हें निर्धारित तिथि पर पेश होकर मामले से जुड़े सवालों के जवाब देने के लिए समन जारी किया है। इस मामले की जांच पिछले कई वर्षों से जारी है और जांच एजेंसी लगातार उन सभी लोगों से पूछताछ कर रही है जिनकी भूमिका या जानकारी घटना से जुड़ी हो सकती है। विजय सांपला को समन भेजे जाने के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा का विषय बन गया है।

बेहबल कलां फायरिंग की घटना अक्टूबर 2015 में हुई थी, जब पंजाब में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं के विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे थे। फरीदकोट जिले के बेहबल कलां गांव में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव बढ़ने के बाद पुलिस ने गोलीबारी की थी। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे। घटना के बाद राज्यभर में भारी विरोध प्रदर्शन हुए और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए गए। यह मामला वर्षों से पंजाब की राजनीति का एक संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है और पीड़ित परिवार लगातार न्याय की मांग करते रहे हैं।
SIT का कहना है कि जांच अभी भी जारी है और मामले से जुड़े हर पहलू की गहन पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उस समय प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर कौन-कौन से निर्णय लिए गए थे और घटनाक्रम में विभिन्न व्यक्तियों की क्या भूमिका रही। राजनीतिक दल इस मामले को लेकर आमने-सामने हैं। जहां कुछ लोग इसे न्याय की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बता रहे हैं, वहीं कुछ नेताओं का आरोप है कि मामले का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में विजय सांपला को जारी किया गया समन इस लंबे समय से चल रही जांच में एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है।


