
European Union ने पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर भारत के प्रति एकजुटता जताई है और पीड़ितों व उनके परिवारों के साथ खड़े होने की बात कही है।
22 अप्रैल को जारी बयान में EU और उसके 27 सदस्य देशों ने इस दुखद घटना में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी और हर तरह के आतंकवाद की कड़ी निंदा की। संगठन ने साफ कहा कि किसी भी परिस्थिति में आतंकवाद को सही नहीं ठहराया जा सकता।
साल 2025 में हुए इस हमले में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी। इनमें पर्यटक और एक स्थानीय व्यक्ति भी शामिल था, जिसने लोगों को बचाने की कोशिश की थी। यह हाल के वर्षों के सबसे दर्दनाक हमलों में से एक माना जाता है।
हमले के बाद भारत ने Operation Sindoor के तहत जवाबी कार्रवाई की, जिसमें सीमा पार आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन का उद्देश्य Lashkar-e-Taiba जैसे संगठनों के नेटवर्क को खत्म करना था, साथ ही आम नागरिकों को नुकसान से बचाया गया।
EU ने एक बार फिर दोहराया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वैश्विक सहयोग बेहद जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।


