उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने हालात गंभीर कर दिए हैं। भारी वर्षा के कारण कई नदियाँ उफान पर हैं, जबकि बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। अब तक विभिन्न राज्यों से कम से कम 25 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम, अरुणाचल प्रदेश और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में कई गांवों का संपर्क टूट गया है, जबकि निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ के कारण हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

लगातार बारिश के चलते राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर भूस्खलन की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। कई स्थानों पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए नावों और हेलीकॉप्टरों की मदद ली जा रही है। बिजली और संचार सेवाएं भी कई इलाकों में बाधित हुई हैं, जिससे स्थानीय लोगों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक उत्तर और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने नदियों के किनारे रहने वाले लोगों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। राज्य सरकारों ने जिला प्रशासन को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं और लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सलाह का पालन करें।


