रूपनगर, 18 अगस्त, 2026: 108 एम्बुलेंस सेवा के कर्मचारियों ने एक बार फिर ईमानदारी और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए मरीज के परिजन का पर्स सुरक्षित लौटाकर मानवता की मिसाल पेश की है।
108 एम्बुलेंस को सीने में दर्द से पीड़ित 51 वर्षीय दलबीर कौर को सिविल अस्पताल, रूपनगर से पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। मरीज को समय पर प्राथमिक चिकित्सा सहायता प्रदान करने के बाद बेहतर इलाज के लिए पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ रेफर किया गया।

इस दौरान मरीज के परिजन का पर्स एम्बुलेंस में ही छूट गया। ड्यूटी पर तैनात ईएमटी संदीप सिंह और पायलट गुरपियार सिंह ने पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए पर्स को सुरक्षित रखा और बाद में उसे मरीज के परिजन को लौटा दिया। एम्बुलेंस कर्मचारियों के इस सराहनीय कार्य की सभी ओर प्रशंसा की जा रही है।
प्रोजेक्ट हेड मनीष बत्रा ने कहा, “108 एम्बुलेंस सेवा केवल आपातकालीन चिकित्सा सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीजों और उनके परिजनों के विश्वास को बनाए रखना भी हमारी जिम्मेदारी है। हमारी टीम ने जिस ईमानदारी और समर्पण का परिचय दिया है, वह हमारी सेवा के मूल मूल्यों को दर्शाता है। हमें अपने कर्मचारियों पर गर्व है, जो हर परिस्थिति में मानवता और जिम्मेदारी को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।”
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि 108 एम्बुलेंस सेवा केवल मरीजों को अस्पताल पहुंचाने का काम नहीं करती, बल्कि ईमानदारी, नैतिकता और जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी पूरी निष्ठा के साथ निभाती है।


