प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की शुक्रवार को संसद परिसर स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में हुई वन-ऑन-वन मुलाकात ने पंजाब की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है। यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। बैठक के बाद सुखबीर बादल ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ पंजाब से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की, लेकिन BJP और SAD के बीच संभावित गठबंधन को लेकर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की।

इस मुलाकात के बाद दोनों दलों के पुराने गठबंधन की वापसी को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। एक वरिष्ठ SAD नेता के मुताबिक, बैठक में गठबंधन को फिर से बहाल करने की संभावना पर भी चर्चा हुई। हालांकि, BJP ने फिलहाल ऐसी किसी संभावना से इनकार किया है। पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि पार्टी राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने भी स्पष्ट किया कि सुखबीर बादल की प्रधानमंत्री से मुलाकात का मतलब गठबंधन या किसी समझौते से नहीं है।
BJP और SAD करीब 23 वर्षों तक गठबंधन में रहे और दोनों दलों ने 1997, 2007 और 2012 में पंजाब में सरकार बनाई थी। हालांकि, 2020 में कृषि कानूनों के मुद्दे पर अकाली दल ने NDA से अलग होने का फैसला किया था। दोनों दलों ने 2024 लोकसभा चुनाव से पहले दोबारा साथ आने की कोशिश की थी, लेकिन सीट बंटवारे को लेकर बातचीत सफल नहीं हो सकी। अब मोदी और सुखबीर बादल की ताजा मुलाकात ने एक बार फिर पंजाब में संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।


