भारत की डिजिटल पेमेंट प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। अब UPI को दुनिया के 12 देशों में अपनाया या सक्षम किया जा चुका है, जिससे भारतीय नागरिक विदेशों में भी आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। यह कदम भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। UPI के विस्तार से विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों, छात्रों और कारोबारियों को तेज, सुरक्षित और आसान भुगतान की सुविधा मिलेगी।

UPI फिलहाल सिंगापुर, फ्रांस, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), श्रीलंका, मॉरीशस, भूटान, नेपाल समेत कुल 12 देशों में किसी न किसी रूप में उपलब्ध है। इन देशों में भारतीय पर्यटक और प्रवासी स्थानीय व्यापारियों के यहां UPI के जरिए भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा कई देशों के साथ भारत डिजिटल भुगतान प्रणाली को और व्यापक बनाने के लिए साझेदारी पर काम कर रहा है। इस पहल से सीमा पार लेनदेन (Cross-Border Payments) पहले के मुकाबले अधिक सरल और कम लागत वाले होने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि UPI का वैश्विक विस्तार भारत की Digital Public Infrastructure (DPI) की बढ़ती स्वीकार्यता का प्रमाण है। पिछले कुछ वर्षों में UPI ने देश के भीतर करोड़ों लोगों के भुगतान के तरीके को बदल दिया है और अब यही सफलता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे रही है। सरकार और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) का लक्ष्य आने वाले समय में अधिक से अधिक देशों को इस नेटवर्क से जोड़कर भारत को वैश्विक डिजिटल भुगतान क्षेत्र में अग्रणी बनाना है।


