Raghav Chadha के Aam Aadmi Party छोड़कर Bharatiya Janata Party में शामिल होने से देश की राजनीति में बड़ा भूचाल आ गया है। सोमवार को जारी वीडियो में चड्ढा ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि पार्टी के भीतर “टॉक्सिक माहौल” बन चुका था और उन्हें काम करने से रोका जा रहा था।

उन्होंने कहा कि उन्होंने एक सफल चार्टर्ड अकाउंटेंट करियर छोड़कर राजनीति में कदम रखा था, लेकिन मौजूदा हालात में उनके पास कोई और विकल्प नहीं बचा था। चड्ढा के मुताबिक, पार्टी अब कुछ “भ्रष्ट और समझौता करने वाले लोगों” के हाथों में चली गई है, जो देशहित के बजाय निजी फायदे के लिए काम कर रहे हैं।
चड्ढा के साथ छह अन्य नेताओं का भी AAP छोड़ना इस घटनाक्रम को और बड़ा बनाता है। उन्होंने कहा, “एक या दो लोग गलत हो सकते हैं, लेकिन सात लोग एक साथ गलत नहीं हो सकते,” और इसे अपने फैसले का सबसे बड़ा सबूत बताया।
वहीं, Arvind Kejriwal की अगुवाई वाली AAP ने इसे “विश्वासघात” करार देते हुए कहा कि पार्टी ने चड्ढा को हर मौका दिया, फिर भी उन्होंने साथ छोड़ दिया।
इस सियासी उठापटक का असर खासकर पंजाब की आगामी राजनीति पर पड़ सकता है, जहां AAP की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। साथ ही, चड्ढा के इस कदम के बाद उनके केंद्रीय मंत्री बनने की अटकलें भी तेज हो गई हैं।



