
पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए संतोष जगदाले के परिवार ने घटना की पहली बरसी से पहले उन्हें याद करते हुए कहा है कि जब तक देश पूरी तरह आतंकवाद से मुक्त नहीं होगा, तब तक उन्हें सच्चा न्याय नहीं मिलेगा। परिवार ने सरकार से ऐसे हमलों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की अपील की है।
पीड़ित की पत्नी प्रगति जगदाले ने कहा कि 22 अप्रैल 2025 का दिन उनके लिए सबसे दर्दनाक था, जब पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने पहलगाम में 26 लोगों की हत्या कर दी थी। उन्होंने बताया कि उन्हें शुरुआत में विश्वास नहीं हो रहा था कि उनके पति अब नहीं रहे।
परिवार ने सरकार द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर की सराहना करते हुए कहा कि आतंकियों के खिलाफ की गई कार्रवाई जरूरी थी। साथ ही उन्होंने मांग की कि सेना और सुरक्षा बलों को और मजबूत किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
परिवार ने यह भी कहा कि उस हमले ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी और 26 प्रभावित परिवार आज भी उस दर्द से उबर नहीं पाए हैं।



